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Fertliser For Wheat Crop : गेहूं में पैदावार बढ़ानी है तो आज ही डाल दें यह 3 जरूरी खाद, बालियों की लंबाई होगी दोगुनी

Fertliser For Wheat Crop : देशभर में रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही किसान भाई पूरी मेहनत से गेहूं की बुवाई में जुट चुके हैं। इस बार हर किसान की इच्छा है कि गेहूं की पैदावार ज्यादा हो, दाने मोटे आएं और बाजार में अच्छी कीमत मिले। लेकिन कई किसान सही समय पर सही खाद का उपयोग न करने की वजह से अपेक्षित उत्पादन प्राप्त नहीं कर पाते। यदि आप भी चाहते हैं कि आपके खेत में गेहूं की फसल दोगुनी उपज दे और खेत की बालियां लंबी व भरी हुई दिखाई दें, तो कुछ जरूरी खादों का सही समय पर उपयोग करना बेहद जरूरी है।

गेहूं की ज्यादा पैदावार के लिए सबसे जरूरी खादें


गेहूं की फसल के विकास और उत्पादन के लिए तीन मुख्य खादें सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती हैं—DAP, यूरिया और पोटाश। इन खादों का सही समय और मात्रा में उपयोग पौधे को मजबूत बनाता है, जड़ों का विकास करता है और बालियों में दानों की संख्या बढ़ाता है। यह खादें फसल को रोगों और ठंड से भी बचाती हैं।

DAP: जड़ों को मजबूत बनाने और शुरुआती ग्रोथ के लिए


DAP गेहूं की बुवाई के समय उपयोग की जाने वाली सबसे पहली और महत्वपूर्ण खाद है। इससे जड़ें मजबूत होती हैं और पौधा तेजी से बढ़ता है। मजबूत जड़ें नमी को लंबे समय तक पकड़कर रखती हैं, जिससे फसल सूखे और ठंड दोनो स्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करती है। इस खाद को बीज बोते समय खेत में मिला देना चाहिए और यदि किसी कारण से छूट जाए तो बुवाई के 10–12 दिनों के भीतर दे देना चाहिए।

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Fertliser For Wheat Crop

यूरिया: पौधे की लंबाई और बालियों की मजबूती के लिए


यूरिया में नाइट्रोजन की मात्रा होती है, जो पौधे में हरीतिमा बढ़ाती है, तने को मजबूत बनाती है और बालियों को लंबा व भरा हुआ करती है। पहली सिंचाई के तुरंत बाद यूरिया देना बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि इस समय पौधा तेजी से बढ़ने की अवस्था में होता है। इसके बाद दूसरी सिंचाई के समय थोड़ी मात्रा में यूरिया देने से फसल की कमजोरी दूर हो जाती है और उत्पादन में काफी वृद्धि होती है।

पोटाश: दाना भरने और रोगों से बचाव के लिए


पोटाश गेहूं की फसल में दाने भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह खाद पौधों को मजबूत बनाती है और ठंड व बीमारियों से बचाती है। पोटाश की कमी वाला पौधा कमजोर रहता है और बालियां पूरी तरह भर नहीं पातीं। इसलिए पहली या दूसरी सिंचाई के समय पोटाश देना बेहद जरूरी है ताकि दाने भरपूर और चमकदार बन सकें।

माइक्रो न्यूट्रिएंट्स का भी रखें ध्यान


हर खेत की मिट्टी की जरूरत अलग होती है। इसलिए जिंक, सल्फर और बोरॉन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को पूरा करना भी जरूरी है। इनका स्प्रे करने से फसल देखने में हरी-भरी, मजबूत और रोग-मुक्त रहती है, और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

किसान भाइयों, यदि आप चाहते हैं कि इस साल आपके गेहूं की पैदावार दोगुनी हो और दाने मोटे व चमकदार आएं, तो ऊपर बताए गए खादों का समय और मात्रा का विशेष ध्यान रखें। खेती में मेहनत के साथ-साथ सही वैज्ञानिक पद्धति भी उतनी ही जरूरी है। सही समय पर सही खाद ही आपकी फसल को बेहतरीन बना सकती है और आपकी आय को कई गुना बढ़ा सकती है।

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